भारत में क्रिप्टोकरेंसी व्यापार

समर्थन क्या है?

समर्थन क्या है?
जिन फ़सलों पर MSP तय किया गया है, उनमें अनाज में धान, गेहूँ, जौ, ज्वार, बाजरा, मक्का और रागी हैं। वहीं, दलहनी फ़सलों की बात करें तो उसमें चना, अरहर/तूर, मूँग, उड़द और मसूर आदि शामिल हैं। इसके अलावा तिलहन वाली फ़सलों में मूँगफली, सरसों, तोरिया, सोयाबीन, सूरजमुखी के बीज, सीसम, कुसुम्भी और खुरसाणी, खोपरा, कच्चा कपास, कच्चा जूट, गन्ना, वर्जीनिया फ़्लू उपचारित (BFC) तम्बाकू और नारियल भी शामिल हैं।

Minimum Support Price

न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2022-23 नई सूची: Minimum Support Price लॉगिन

देश की सरकार अपने देश को बेहतर बनाने के लिए प्रयास करती रहती है, केंद्र सरकार द्वारा किसानों से फसल खरीदने पर एक न्यूनतम मूल्य का भुगतान किया जाता है, जिसको न्यूनतम समर्थन मूल्य कहा जाता है। इस योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा 25 फसलों का एक न्यूनतम दाम तय किया जायेगा। यह सुविधा किसानों को उनकी फसल का सही दाम दिलवाने में कारगर साबित होंगी। इसके अलावा इस Minimum Support Price 2022-23 के माध्यम से किसान सशक्त एवं आत्मनिर्भर भी बनेंगे। सरकार द्वारा शुरू इस सुविधा के बारे में सारी जानकारी जैसे की उदेश्य, पात्रता, दस्तावेज, विशेषताएं, सूची इत्यादि निम्नलिखित है। इसका लाभ लेने के लिए एवं सारी जानकारी हासिल करने के लिए इस आर्टिकल को पूरा देखे एवं पढ़े।[यह भी पढ़ें- आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना 2022: ऑनलाइन आवेदन, एप्लीकेशन फॉर्म]

न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का उदेश्य

फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के लिये केंद्र सरकार ने धान, दलहन और तिलहन, सभी अनिवार्य खरीफ फसलों के लिये हे न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2022-23 में वृद्धि करने की घोषणा की है। न्यूनतम समर्थन मूल्य वह दर है, जिस पर सरकार किसानों से फसल खरीदती है और यह किसानों की उत्पादन लागत के कम-से-कम डेढ़ गुना अधिक होती है। Minimum Support Price किसी भी फसल के लिये वह ‘न्यूनतम मूल्य’ है, जिसे सरकार किसानों के लिये लाभकारी मानती है और इसलिये इसके माध्यम से किसानों का समर्थन करती है। सरकार का इस माध्यम से यही उदेश्य है कि सभी किसान भाइयो को उनकी फसल का सही मूल्य मिल पाए एवं उनका आर्थिक विकास हो पाए।[यह भी पढ़ें- प्रधानमंत्री कर्म योगी मानधन योजना 2022 – PM Karam Yogi Mandhan Yojana]

आप सभी को इस बात का तो भली-भांति ज्ञान है कि सरकार द्वारा किसानो की फसलों को न्यूनतम मूल्य पर खरीदा जाता है। भारत सरकार द्वारा किसानो की फसलों को इस द्रष्टिकोण से खरीदा जाता है, ताकि किसी भी किसान की फसल खराब न हो। इस फसल खरीद के कार्य को पूर्ण करने के लिए सरकार हर फसल का एक मूल्य निर्धारित करती है। इस निर्धारित मूल्य के नीचे इस फसल की खरीद नहीं की जाती। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने रबी सीज़न 2022-23 के अंतर्गत रबी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि करने का निर्णय लिया है, जिसके ज़रिये किसान अधिक आय ग्रहण कर सकते है। फसलों के विधिकरण में बढ़ोत्तरी करने के लक्ष्य से प्रधानमंत्री जी ने फसलों के मूल्य में वृद्धि करने का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत किसानो को मसूर, चना, जौ, कुसुम के फूल आदि के लिए उनके द्वारा लगाई गई उत्पादन लागत की अपेक्षा ज़्यादा राशि प्राप्त हो सकेगी। इसके अतिरिक्त सरकार द्वारा तिलहन, दलहन, मोटे अनाज के लिए भी न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। [यह भी पढ़ें- (PMAY) प्रधानमंत्री आवास योजना 2022: ऑनलाइन आवेदन, Awas Yojana Online Form]

समर्थन और प्रतिरोध - एक व्यापारी का सबसे अच्छा दोस्त

यदि कोई आपको बताता है कि प्रतिभूतियों या परिसंपत्तियों की भविष्य की कीमतों की भविष्यवाणी की जा सकती है, तो क्या जीवन समर्थन क्या है? बहुत आसान नहीं होगा? यह वह जगह है जहां समर्थन और प्रतिरोध की अवधारणा आती है। आम आदमी के शब्दों में समर्थन वह क्षेत्र है जिसके परे कीमत नहीं गिरती है और प्रतिरोध सटीक विपरीत है, अर्थात, कीमत इस सीमा को पार नहीं करती है। ये मूल्य बाधाएं समर्थन और प्रतिरोध के पास खरीदने और बेचने के उच्च स्तर के कारण बनती हैं। हालांकि ये खरीदने और बेचने के लिए प्राथमिक तकनीकी संकेतकों के रूप में कार्य करते हैं, वे हमेशा सटीक नहीं होते हैं। समर्थन और प्रतिरोध प्रकृति में गतिशील हैं जिसका अर्थ है कि कमजोर समर्थन और प्रतिरोध आसानी से टूट सकता है और मजबूत का उल्लंघन किया जा सकता है या नहीं किया जा सकता है। किसी भी दिशा में इस तरह के उतार-चढ़ाव को "ब्रेकआउट" के रूप में जाना जाता है।

न्यूनतम समर्थन मूल्य क्या है?

न्यूनतम समर्थन मूल्य minimum support price in hindi

कई मंत्रालय एवं विभाग मिलकर CACP को MSP निर्धारित करने में मदद करते हैं। खेती एवं उत्पादन का खर्चा MSP के सिफारिश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसी प्रकार की कई महत्वपूर्ण जानकारियां CASP को प्रदान की जाती हैं।

न्यूनतम समर्थन मूल्य का निर्धारण निम्नलिखित कारकों पर आधारित रहता है:

  • उत्पादन का मुल्य
  • आतंरिक समर्थन क्या है? मुल्यों में होने वाले बदलाव
  • आतंरिक एवं बाहरी मुल्यों के बीच की समानता
  • फसलों के बाजारी मुल्यों का अवलोकन
  • खपत और आपूर्ति
  • कई फसलों के मुल्यों की समानता
  • औद्योगिक मुल्य संरचना का प्रभाव
  • रहन-सहन के मुल्यों पर होने वाले प्रभाव
  • मुल्यों की अंतराष्ट्रीय परिस्थिति
  • अदा किये गए मुल्य एवं किसानों द्वारा पाए गए मुल्य के बीच की समानता
  • जारी किये गए कीमत एवं सब्सिडी के ऊपर प्रभाव

जानिए क्या होता है न्यूनतम समर्थन मूल्य और किसानों को कैसे मिलता है इसका फ़ायदा

जानिए क्या होता है न्यूनतम समर्थन मूल्य और किसानों को कैसे मिलता है इसका फ़ायदा

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने किसानों को दिवाली से पहले एक बड़ा तोहफ़ा दिया है। बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रीमंडल की बैठक में सरकार ने चालू वर्ष 2019-20 (जुलाई-जून) समर्थन क्या है? की आगामी रबी सीज़न की फ़सलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी (MSP) बढ़ाने का फ़ैसला लिया है। MSP बढ़ने से किसानों को बड़ा फ़ायदा होगा। ऐसे में आज आइए जानते हैं न्यूनतम समर्थन मूल्य क्या होता है और किसानों को इसका फ़ायदा कैसे मिलता है।

अक्टूबर से मार्च के बीच होने वाली सभी फ़सलों को रबी सीज़न की फ़सल कहा जाता है। मार्च एवं अप्रैल माह में रबी फ़सलों की कटाई की जाती है। इस दौरान फ़सलों को सिंचाई के लिए कम पानी की आवश्यकता होती है।

खरीफ फसलों के पंजीयन की शुरुआत

खरीफ फसलों की कटाई को देखते हुए मध्य प्रदेश में सरकार द्वारा धान एवं अन्य खरीफ फसलों के खरीद के लिए पंजीयन की शुरुआत कर दी है।

किसानों को फसल का उचित मूल्य प्राप्त हो सके इसके लिए मध्य प्रदेश सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2022 23 में धान एवं मोटा अनाज जैसे कि ज्वार, बाजरा आदि के लिए समर्थन मूल्य पर विक्रय हेतु पंजीयन कराने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

किसान अपनी फसलों का पंजीयन किसी भी एमपी ऑनलाइन या अन्य साधनों से करवा सकते हैं।

सरकार द्वारा घोषित खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य

अलग-अलग खरीफ फसलों के सरकार द्वारा घोषित किए गए न्यूनतम समर्थन मूल्य क्या है, आइए जानते हैं….

  • धान सामान्य के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 2040 रुपए प्रति क्विंटल रखा गया है।
  • धान ग्रेड ए उत्तम क्वालिटी के लिए समर्थन मूल्य 2060 रुपए प्रति क्विंटल रखा गया है।
  • बाजरा के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 2350 रुपए प्रति क्विंटल रखा गया है।
  • हाइब्रिड ज्वार का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2970 रुपए प्रति क्विंटल रखा गया है।
  • वही मालदंडी ज्वार का मूल्य 2990 प्रति क्विंटल रखा गया है।
  • यदि अरहर व उड़द के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की बात करें तो वह है 6600 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।

पंजीयन के लिए जरूरी दस्तावेज

जैसे कि आपको बताया गया है, कि खरीफ फसलों के लिए पंजीयन की शुरुआत सरकार द्वारा कर दी गई है, तो किसानों को फसलों का पंजीयन करवाने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज की आवश्यकता होगी जो कि नीचे दिए गए हैं

  • आवेदक किसान की समग्र आईडी
  • निवास के लिए प्रमाण पत्र
  • आवेदक का आधार कार्ड
  • बैंक अकाउंट की पासबुक प्रति
  • किसान की ऋण पुस्तिका
  • एक मोबाइल नंबर जो कि आधार से जुड़ा हुआ हो
  • आवेदक के पासपोर्ट साइज के फोटो

किसान कहां करें पंजीयन के लिए आवेदन

किसानों के पास खरीफ फसलों के पंजीयन के लिए दोनों तरीके उपलब्ध हैं, ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से अपने आवेदन को जमा कर सकते हैं।

किसानों का समय बचाने के लिए सरकार द्वारा कई प्रकार की योजनाओं को ऑनलाइन किया गया है, पंजीयन के लिए किसान ऑनलाइन सुविधा का लाभ उठाकर समर्थन क्या है? अपना पंजीयन करवा सकते हैं।

किसान भाइयों आपको बता दें कि अब आप अपना पंजीयन डाटा एंट्री के अलावा MP किसान एप और प्राथमिक कृषि सहकारी साख संस्थाओं के माध्यम से भी करवा सकते हैं।

वनाधिकार पट्टी धारी किसान अपना पंजीयन समिति, एफपीओ और महिला स्व सहायता समूह द्वारा संचालित केंद्रों में ही करा सकेंगे।

इन सबके अलावा किसान सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर भी अपना पंजीयन करा सकते हैं जिसका लिंक नीचे प्रदान किया गया है यहां से क्लिक करके आप अपना पंजीयन करवा सकते हैं।

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