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रुपया फ्यूचर्स के बारे में सुना है?

रुपया फ्यूचर्स के बारे में सुना है?

समेटकर लो बटोर, न मिलें इस ठौर

मैंने कहा था कि सेंसेक्स अगले कुछ सत्रों में 500 अंक बढ़ जाएगा। 250 अंक तो वो पहले ही बढ़ चुका था और आज ही एनएवी के चलते 300 से ज्यादा अंकों की बढ़त उसने और ले ली। यह कोई करिश्मा नहीं, पहले से तय था। इसका श्रेय डेरिवेटिव सौदों में कैश सेटलमेंट की व्यवस्था को दिया जाना चाहिए। आईएफसीआई जैसे स्टॉक को पहले तोड़कर 39.5 रुपए तक ले जाया गया और वापस रुपया फ्यूचर्स के बारे में सुना है? 42.5 रुपए पर पहुंचा दिया। ऐसे मामले और भी हैं।

इसमें कोई संदेह नहीं कि एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशकों) की कमाई पर आप 15 फीसदी या 30 फीसदी टैक्स भी लगा दें, तब भी वे भारत छोड़कर नहीं जाएंगे क्योंकि दुनिया में कहीं और वे इतनी कमाई नहीं कर सकते। ऐसा केवल भारत में होता है कि बाहरी लोग मौज करते हैं और घर के लोग कलपते हैं। निफ्टी आज 3.10 बजे के आसपास 5307.10 तक जाने के बाद रुपया फ्यूचर्स के बारे में सुना है? थोड़ा नीचे उतरा और कुल 2.25 फीसदी की बढ़त के साथ 5295.55 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी के अप्रैल फ्यूचर्स का आखिरी भाव 5322 दर्ज किया गया।

अमर, अकबर, एंथनी उफान पर हैं। इनमें से रेमंड आज 4.74 फीसदी, सेंचुरी टेक्सटाइल्स 1.89 फीसदी और बॉम्बे डाईंग 4.24 फीसदी तक बढ़ गए। हमने आज ही धनलक्ष्मी बैंक में खरीद की सलाह रुपया फ्यूचर्स के बारे में सुना है? शुरू की और यह स्टॉक 15.50 फीसदी से ज्यादा उछल गया। एंड्रयू यूल के बारे में खुद भारी उद्योग मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने कल कह दिया कि टाइड वॉटर में उसकी हिस्सेदारी बेची जाएगी। एंड्रयू को जितना बटोर सकें, बटोर लें। वैसे, आज ही यह कल के बंद स्तर 19.35 रुपए से उछलकर बाजार बंद होने तक 20 फीसदी के सर्किट ब्रेकर के स्तर 23.20 रुपए पर पहुंच चुका है। अब इसे पकड़ पाना मुश्किल हो जाएगा। वैसे भी इसमें फ्लोटिंग स्टॉक बहुत कम है। इसकी 93.30 फीसदी इक्विटी तो भारत सरकार के ही पास है।

डीसीएम को हमने आपको 45 रुपए पर खरीदने की सलाह दी थी। अभी वो 94 रुपए पर है। इसमें 135 से 150 रुपए पर ब्लॉक डील होनी है। इसे एक्सचेंज की नीतियों का फायदा उठाते हुए जान-बूझकर ट्रेड टू रुपया फ्यूचर्स के बारे में सुना है? ट्रेड के टी सेंगमेंट में डलवा दिया गया रुपया फ्यूचर्स के बारे में सुना है? क्योंकि ऑपरेटर कभी नहीं चाहते कि इसमें आपकी भागीदारी हो। नवभारत वेंचर्स में आज 55 लाख रुपया फ्यूचर्स के बारे में सुना है? शेयरों की ब्लॉक डील हुई है। आज यह 12.19 फीसदी बढ़कर 220 रुपए पर पहुंच गया।

आईवीआरसीएल को देश में सबसे पहली हम्हीं से उठाया। अब एफआईआई इसमें 100 रुपए से ऊपर का लक्ष्य दे रहे हैं। जयप्रकाश एसोसिएट्स को भी हमने सबसे पहले उठाया। अब ब्रोकिंग फर्म शेयरखान इसमें 105 रुपए का लक्ष्य दे रही है। रुपया फ्यूचर्स के बारे में सुना है? डिश टीवी को खरीदने की सलाह हमने सबसे पहले दी। अब हर कोई इसे खरीदने को कह रहा है। इसलिए हम पर भरोसा कीजिए। हम ऐसी जगह पहुंचे हुए हैं, जहां दूसरा कोई नहीं; और, हम आपकी परवाह करते हैं। एफआईआई को सलाह देने के लिए हमारी अलग डेस्क है। हमारे अगले मास्टर ब्लास्टर हैं – आईएफसीआई, अबन ऑफशोर, डिश टीवी और रिलायंस इंडस्ट्रीज। इन सभी पर नज़र रखिए।

जीएएआर (जनरल एंटी-एवॉयडेंस रूल्स0 पर जल्दी ही स्पष्टीकरण आ जाएगा। जीडीआर (ग्लोबल डिपॉजिटरी रिसीट्स) आयकर कानून की धारा-47 के तहत ट्रांसफर करने पर टैक्स के दायरे से मुक्त है। लेकिन एडीआर (अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट्स) नहीं। इसलिए थोड़ी उलझन तो बनी रहेगी। हालांकि वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने आज फिर साफ किया कि पी-नोट्स पर टैक्स लगाने का सवाल ही नहीं उठता। हो सकता है कि जीएएआर पर अमल ही एक साल के लिए टाल दिया जाए। इसकी घोषणा बाजार बंद होने के बाद हो सकती है। इसकी वजह आप सभी बखूबी जानते हैं। वलण (सेटलमेंट) के अंत के साथ तकलीफों का भी अंत हो जाता है। ऐसा तब तक चलता रहेगा, जब तक स्टॉक डेरिवेटिव सौदों में फिजिकल सेटलमेंट को नहीं अपनाया जाता।

फिलहाल मस्त रहिए। सप्ताहांत का आनंद लीजिए। वैसे, अगले हफ्ते गुरुवार से ही सप्ताहांत शुरू हो जाएगा।

बढ़ती उम्र को जीवन की ढलान मानना गलत है। बल्कि, सच इसका उल्टा है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, जीवन में वैसे-वैसे हम छलांगें मारकर बढ़ने लगते हैं।

(चमत्कार चक्री एक अनाम शख्सियत है। वह बाजार की रग-रग से वाकिफ है। लेकिन फालतू के कानूनी लफड़ों में नहीं पड़ना चाहता। इसलिए अनाम है। वह अंदर की बातें आपके सामने रखता है। लेकिन उसमें बड़बोलापन हो सकता है। आपके निवेश फैसलों के लिए अर्थकाम किसी भी हाल में जिम्मेदार नहीं होगा। यह मूलतः सीएनआई रिसर्च का कॉलम रुपया फ्यूचर्स के बारे में सुना है? है, जिसे हम यहां आपकी शिक्षा के लिए पेश कर रहे थे)

कृपया ध्यान रुपया फ्यूचर्स के बारे में सुना है? दें: अर्थकाम पर चक्री का यह आखिरी कॉलम है। हम अर्थकाम की तरफ से सीएनआई रिसर्च को कोटि-कोटि धन्यवाद देना चाहते हैं कि उन्होंने हिंदी के लाखों पाठकों को यह कॉलम दो साल तक मुफ्त में उपलब्ध कराया। हम भी उनके लिखे का मूल्य-वर्धन कर आपके सामने पेश करते रहे। बाकी भूल-चूक लेनी देनी। कहा-सुना माफ…[ संपादक ]

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