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क्या होगा व‍िदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट का असर

क्या होगा व‍िदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट का असर

विदेशी मुद्रा भंडार $5.14 अरब घटा, सात साल की सबसे बड़ी गिरावट

12 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 5.143 अरब डॉलर घट कर 394.465 अरब डॉलर रह गया.

विदेशी मुद्रा भंडार $5.14 अरब घटा, सात साल की सबसे बड़ी गिरावट

पिछले कुछ दशक में किसी एक सप्ताह में यह विदेशी मुद्रा भंडार में यह सबसे बड़ी गिरावट है. पिछले सप्ताह मुद्रा भंडार 91.58 करोड़ डॉलर घटकर 399.609 अरब डॉलर पर आ गया था.

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रुपये में गिरावट को थामने के लिये केंद्रीय बैंक चालू वित्त वर्ष में अब तक 40 अरब डॉलर बाजार में डाल चुका है. डॉलर के मुकाबले रुपया जनवरी से 16 फीसदी लुढ़क गया है. पिछले सप्ताह रुपया 74.43 के स्तर पर आ गया.

शुक्रवार को रुपया डॉलर की तुलना में 73.32 पर बंद हुआ. आरबीआई के आंकड़े के अनुसार 12 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 5.232 अरब डॉलर घटकर 369.99 अरब डॉलर रही.

विदेशी मुद्रा भंडार 13 अप्रैल 2018 को समाप्त सप्ताह में 426.028 अरब डॉलर पर पहुंच गया था. उसके बाद से अब तक इसमें 31 अरब डॉलर की कमी आई है. इसी बीच स्वर्ण भंडार (गोल्ड रिजर्व) 7.14 करोड़ डॉलर बढ़कर 20.52 अरब डॉलर पर पहुंच गया है.

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Rupee vs Dollar: अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, एक डॉलर की कीमत बढ़कर हुई 82.20 रुपये

Rupee vs Dollar

नई दिल्ली: डॉलर के मुकाबले में रुपये (Rupee vs Dollar) में गिरावट का दौर बदस्तूर जारी है। रुपया लगातार गिरावट का अपना पिछला रिकॉर्ड तोड़कर नया रिकॉर्ड बना रहा है। आज एकबार फिर रुपए में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। इस गिरावट के साथ ही डॉलर के मुकाबले रुपया एकबार फिर अबतक के अपने सबसे निचले स्तर (Rupee at Record Low) पर पहुंचा गया है।

आज (7 October) को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 32 पैसे गिरकर अब तक के सबसे निचले स्तर 82.20 रुपए पर खुला है। इससे पहले पिछले कारोबारी दिन गुरुवार 6 अक्टूबर को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 36 पैसे की कमजोरी के साथ 81.88 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।

क्या होगा असर

रुपये के कमजोर होने से देश में आयात महंगा हो जाएगा। इससे कारण विदेशों से आने वाली वस्तुओं जैसे- कच्चा तेल, मोबाइल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स आदि महंगे हो जाएंगे। अगर रुपया कमजोर होता हैं तो विदेशों में पढ़ना, इलाज कराना और घूमना भी महंगा हो जाएगा।

डॉलर की मांग और आपूर्ति से तय होती है रुपये की कीमत

गौरतलब है कि रुपये की कीमत इसकी डॉलर के तुलना में मांग और आपूर्ति से तय होती है। इसके साथ ही देश के आयात और निर्यात पर भी इसका असर पड़ता है। हर देश अपने विदेशी मुद्रा का भंडार रखता है। इससे वह देश के आयात होने वाले सामानों का भुगतान करता है। हर हफ्ते रिजर्व बैंक इससे जुड़े आंकड़े जारी करता है। विदेशी मुद्रा भंडार की स्थिति क्या है, और उस दौरान देश में डॉलर की मांग क्या है, इससे भी रुपये की मजबूती या कमजोरी तय होती है।

यूएस फेड ने ब्याज दरों में की है बढ़ोतरी

जानकारों के मुताबिक डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में ताजा गिरवाट की वजह वजह यूएस फेड के द्वारा ब्याज दरों को बढ़ाया जाना है। वहीं विदेशी मुद्रा कारोबारियों के मुताबिक विदेशी बाजारों में अमेरिकी डॉलर की मजबूती और घरेलू शेयर बाजार में गिरावट का स्थानीय मुद्रा पर असर पड़ा है। इसके अलावा कच्चे तेल के दामों में मजबूती और निवेशकों की जोखिम न लेने की प्रवृत्ति ने भी रुपये को प्रभावित किया है।

अमेरिका में ब्याज दरें में बढ़ोतरी का असर!

  • महंगाई को नियंत्रित करने के लिए लगातार तीसरी बार ब्याज दरें बढ़ी हैं। गौरतलब है कि यूएस फेड ने मंहगाई को नियंत्रित करने के 0.75 बेसिस प्वाइंट ब्याज दर बढ़ाया है। इससे अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ाकर 3-3.25 फीसदी हो गई है।
  • यूएस फेड के द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी का असर दुनिया भर की अर्थव्यवस्था पर देखने को मिल रही है। गौरतलब रुपये की स्थिति को मजबूत बनाने के लिए केंद्रीय बैंक ने जुलाई में 19 अरब डॉलर के रिजर्व को बेच दिया था। लेकिन स्थिति क्या होगा व‍िदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट का असर बहुत बेहतर नहीं हुई है।

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कोरोना के घटते मामलों के बीच आई बड़ी खुशखबरी, विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर हुआ इतना

कोरोना वायरस के घटते मामलों के बीच भारत के लिए अच्छी खबर आई है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने आंकड़े जारी किए है। यह आंकड़े भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को लेकर है जिन्होनें रिकार्ड बना दिया है।

विदेशी मुद्रा भंडार 600 अरब डॉलर के पार! पीएम मोदी के कार्यकाल में 'दोगुना' हुआ फॉरेन रिजर्व

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को बताया कि पिछले शुक्रवार तक देश का विदेशी मुद्रा भंडार 598.2 अरब डॉलर की रिकॉर्ड ऊंचाई तक पहुंचा है

विदेशी मुद्रा भंडार 2.8 अरब डॉलर बढ़कर 592.894 अरब डॉलर की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा

देश का विदेशी मुद्रा भंडार 21 मई, 2021 को समाप्त सप्ताह में 2.865 अरब डॉलर बढ़कर 592.894 अरब डॉलर हो गया जो एक नया रिकार्ड है। इसमें सोर्ण और मुद्रा आस्तियों का प्रमुख योगदान है।

खुशखबरी: इस साल भी भरे रहेंगे देश के अन्न भंडार, खाद्यान्न का रिकॉर्ड उत्पादन होने का अनुमान

तीसरे अग्रिम अनुमान के मुताबिक इस साल खाद्यान्न, चावल, गेहूं, मक्का, चना, मूंगफली और सरसों में रिकॉर्ड उत्पादन दर्ज होगा।

Big News for India: विदेशीमुद्रा भंडार पहुंचा रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब, बढ़कर हुआ 590.028 अरब डॉलर

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में विशेष निकासी अधिकार (एसडीआर) 20 लाख डॉलर बढ़कर 1.506 अरब क्या होगा व‍िदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट का असर डॉलर हो गया।

लॉकडाउन में घर बैठे पायें 50 हजार रुपये, सरकार के लिये करना होगा ये काम

भारत सरकार ने वन नेशन वन राशनकार्ड के लोगो डिजाइन के लिये प्रतियोगिता का आयोजन किया है। इसमें भारतीय नागरिक 31 मई तक अपने डिजाइन भेज सकते हैं।

थोक महंगाई दर अप्रैल में बढ़कर 10.49 प्रतिशत हुई, कच्चे तेल में बढ़त का असर

मार्च 2021 में डब्ल्यूपीआई मंहगाई दर 7.39 प्रतिशत और अप्रैल 2020 में ऋणात्मक 1.57 प्रतिशत थी। थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित मंहगाई दर में लगातार चौथे महीने तेजी हुई है।

Good News: विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार हो रही है वृद्धि, 589.465 अरब डॉलर हुआ

आरबीआई ने कहा कि 7 मई 2021 को समाप्त सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार में होने वाली वृद्धि मुख्य तौर पर विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां बढ़ने से हुई है।

RBI ने दी खुशखबरी, विदेशी मुद्रा भंडार छह महीने में 32.29 अरब डॉलर बढ़ा

विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी सितंबर 2020 के लगभग 6.69 प्रतिशत से घटकर 31 मार्च, 2021 में 5.87 प्रतिशत रह गई।

देश का विदेशी मुद्रा भंडार 3.91 अरब डॉलर बढ़कर 588.02 अरब डॉलर हुआ

विदेशी मुद्रा भंडार इससे पहले 29 जनवरी 2021 को 590.185 अरब डालर की सर्वकालिक ऊंचाई पर था। वहीं जून 2020 से 500 अरब डॉलर के ऊपर बना हुआ है।

Good News: विदेशीमुद्रा भंडार बढ़कर हुआ 584.107 अरब डॉलर, स्वास्थ्यकर्मियों के लिए बीमा योजना छह माह बढ़ी

देश का विदेशी मुद्रा भंडार इससे पहले 29 जनवरी 2021 को 590.185 अरब डॉलर की सर्वकालिक ऊंचाई पर पहुंच गया था।

कोरोना से लड़ाई में आगे आई फोर्ड मोटर, दान देगी 50 लाख सर्जिकल मास्क, एक लाख एन95 मास्क

फोर्ड फंड दो लाख डालर (करीब डेढ करोड़ रुपये) का अनुदान भारत और ब्राजील में कोविड- 19 में आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने वाले संगठनों को देगी।

देश का विदेशी मुद्रा भंडार 1.193 अरब डॉलर बढ़ा, पहुंचा 582.406 अरब डॉलर के स्‍तर पर

देश का विदेशी मुद्रा भंडार इससे पहले 29 जनवरी 2021 को 590.185 अरब डॉलर की सर्वकालिक ऊंचाई पर पहुंच गया था।

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 4.34 अरब डॉलर बढ़कर 581.21 अरब डॉलर पर

देश का विदेशी मुद्रा भंडार नौ अप्रैल को समाप्त सप्ताह में 4.34 अरब डॉलर बढ़कर 581.21 अरब डॉलर हो गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के शुक्रवार को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है।

राकेश झुनझुनवाला ने इस हेल्थकेयर कंपनी से कमाया 30% मुनाफा, क्या आपके पास हैं इसके शेयर

भारतीय शेयर बाजार में लोकप्रिय रूप 'बिग बुल' के रूप में मशहूर राकेश झुनझुनवाला वित्त, तकनीक, खुदरा और फार्मा शेयरों में निवेश करना पसंद करते हैं।

भारत के विदेशीमुद्रा भंडार में गिरावट, 2.415 अरब डॉलर घटकर 576.869 अरब डॉलर हुआ

देश का विदेशी मुद्रा भंडार दो अप्रैल को समाप्त सप्ताह में 2.415 अरब डॉलर घटकर 576.869 अरब डॉलर रह गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के शुक्रवार को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है।

मुकेश अंबानी फ‍िर बने एशिया के सबसे अमीर आदमी, भारत में रहते हैं 140 अतिधनाढ्य लोग

अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी दूसरे सबसे अमीर भारतीय हैं, ग्लोबल लिस्ट में उनका स्थान 24वां है। उनके पास कुल संपत्ति 50.5 अरब डॉलर है।

वित्‍त मंत्रालय ने दी खुशखबरी, FY21 में FPIs ने शेयर बाजारों में किया 2.74 लाख करोड़ रुपये का निवेश

अर्थव्यवस्था में उम्मीद से बेहतर सुधार तथा नवोन्मेषी तरीके से कई किस्तों में दिए गए प्रोत्साहन पैकेज की वजह से भारतीय बाजार में FPI ने बड़ा निवेश किया है।

भारत के FDI प्रवाह में आया 28% उछाल, अप्रैल-जनवरी में आया 54.18 अरब डॉलर का विदेशी निवेश

वित्त वर्ष 2020-21 के पहले 10 महीनों के दौरान कुल एफडीआई (जिसमें आय को दोबारा निवेश करना शामिल है) 15 प्रतिशत बढ़कर 72.12 अरब डॉलर रहा।

भारत के Forex reserves में आई बड़ी गिरावट, 2.986 अरब डॉलर घटकर रह गया 579.285 अरब डॉलर

भारत के विदेशी मुद्रा भंडार ने 29 जनवरी, 2021 को समाप्त सप्ताह के दौरान अपने सर्वकालिक उच्च स्तर 590.185 डॉलर के स्तर को छुआ था।

लगातार आठवें सप्ताह विदेशी मुद्रा भंडार में आयी गिरावट, 537.518 अरब डॉलर बच गया कोष

LagatarDesk : भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार आठवें सप्ताह गिरावट देखने को मिली है. 23 सितंबर को समाप्त हुए सप्ताह में देश का कोष 8.134 अरब डॉलर घटकर 537.518 अरब डॉलर रह गया. इससे पहले 16 सितंबर को खत्म हुए हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार 5.22 अरब डॉलर घटकर 545.652 अरब डॉलर पर पहुंच गया था. यह पिछले 2 सालों का सबसे निचला स्तर था. वहीं 9 सितंबर को खत्म हुए सप्ताह में भंडार 2.23 अरब डॉलर कम होकर 550.87 अरब डॉलर हो गया था. इस तरह सितंबर माह में भारत का कोष 15.884 अरब डॉलर कम हो गया. आरबीआई ने शुक्रवार को आंकड़ा जारी करके इसकी जानकारी दी है.

अगस्त माह में 11.932 अरब डॉलर कम हुआ कोष

आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, 26 अगस्त को हुए सप्ताह में भारत का कोष 3.007 अरब डॉलर घटकर 561.046 अरब डॉलर रह गया था. इससे पहले 19 अगस्त को समाप्त हुए सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 6.687 अरब डॉलर घटकर 564.053 अरब डॉलर रह गया था. जबकि 12 अगस्त को खत्म हुए सप्ताह में यह 2.23 अरब डॉलर घटकर 570.74 अरब डॉलर पर आ गया था. वहीं 5 अगस्त को सप्ताह हुए सप्ताह में भारत का कोष 89.7 करोड़ डॉलर घटकर 572.978 अरब डॉलर रह गया. इस तरह अगस्त महीने में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 11.932 अरब डॉलर की गिरावट आयी. वहीं इससे पहले जुलाई माह में यह 21.6938 अरब घटा था.

रिपोर्टिंग वीक में 7.688 अरब डॉलर घटा एफसीए

विदेशी मुद्रा भंडार में एफसीए का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है. अगर एफसीए बढ़ती है तो भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में भी बढ़त देखने को मिलती है. वहीं अगर एफसीए घटती है तो देश के भंडार में भी कमी आती है. फॉरेन करेंसी एसेट्स में डॉलर के अलावा यूरो, पाउंड और क्या होगा व‍िदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट का असर येन जैसी मुद्राओं को भी शामिल किया जाता है. रिपोर्टिंग वीक में भारत की एफसीए (FCA) 7.688 अरब डॉलर घटकर 477.212 अरब डॉलर रह गया. वहीं इससे पहले 16 सितंबर को खत्म हुए सप्ताह में फॉरेन करेंसी एसेट्स 4.7 अरब डॉलर घटकर 484.90 अरब डॉलर रह गया था.

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आलोच्य सप्ताह में 37.886 अरब डॉलर पर आ गया गोल्ड रिजर्व

आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, समीक्षाधीन सप्ताह में भारत का स्वर्ण भंडार में भी कमी आयी है. 23 सितंबर को समाप्त हुए सप्ताह में यह 30 करोड़ डॉलर घटकर 37.886 अरब डॉलर पर आ गया है. इससे पहले गोल्ड रिजर्व 45.8 करोड़ डॉलर कम होकर 38.186 अरब डॉलर रह गया था. इसी तरह आलोच्य सप्ताह में इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड यानी एमआईएफ (IMF) में देश का एसडीआर यानी स्पेशल ड्राइंग राइट (Special Drawing Rights) 93 करोड़ डॉलर घटकर 17.594 अरब डॉलर पर पहुंच गया. वहीं रिपोर्टिंग वीक में आईएमएफ के पास रखा देश का आरक्षित विदेशी मुद्रा भंडार 54 करोड़ डॉलर गिरकर 4.826 अरब डॉलर हो गया.

आरबीआई के उपायों का रुपया पर कोई असर नहीं

आरबीआई के अनुसार, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट को थामने के लिए वो लगातार डॉलर बेच रहा है. जिसकी वजह से विदेशी मुद्रा भंडार में कमी आयी है. हालांकि आरबीआई का यह उपाय कारगर साबित नहीं हो रहा है. डॉलर को बेचने के बावजूद भारतीय करेंसी लगातार गिर रही है. बताते चलें कि सितंबर 2021 यानी एक साल पहले देश का विदेशी मुद्रा भंडार 642 अरब डॉलर था. जो एक साल बाद यानी सितंबर 2022 में 545.652 अरब डॉलर रह गया. इस तरह एक साल में भारत का कोष 100 अरब डॉलर कम हुआ है.

रॉयटर्स की रिपोर्ट ने बढ़ाई भारत की चिंता

गौरतलब है कि हाल ही में आयी रॉयटर्स की रिपोर्ट ने भारत की चिंता बढ़ा दी है. रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के भंडार में गिरावट का सिलसिला जारी रहेगा. 2022 के आखिरी यानी दिसंबर तक विदेशी मुद्रा भंडार घटकर 523 अरब डॉलर तक आ सकता है. इतना ही नहीं विदेशी मुद्रा भंडार में आयी गिरावट 2008 की आर्थिक मंदी की याद दिला सकता है. 2008 में भी डॉलर के मुकाबले रुपया में भारी गिरावट आयी थी. जिसके बाद देश के विदेशी मुद्रा भंडार में 20 फीसदी की गिरावट देखी गयी थी. इस बार भी जब रुपया गिर रहा है तो विदेशी मुद्रा भंडार में उसी तेज गति से गिरावट आ रही है.

विदेशी मुद्रा भंडार 3.2 अरब डॉलर घटा, क्या है वजहॽ

27 अप्रैल को समाप्त सप्ताह के दौरान यह 3.2 अरब डॉलर घटकर 420.4 अरब डॉलर रह गया.

विदेशी मुद्रा भंडार 3.2 अरब डॉलर घटा, क्या है वजहॽ

रिजर्व बैंक के आंकड़ों से पता चलता है कि बीते दो हफ्तों के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार में 5.7 अरब डॉलर की गिरावट आर्इ है.

शुक्रवार को डॉलर की तुलना में भारतीय मुद्रा 66.87 के स्तर पर बंद हुर्इ थी. 2018 में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपये का मूल्य करीब ढार्इ फीसदी कम हो चुका है. अमेरिकी अर्थव्यवस्था के पटरी पर लौटने से डॉलर मजबूत हो रहा है. एशियार्इ मुद्राओं में सबसे खराब प्रदर्शन के मामले में इस साल रुपया दूसरे नंबर पर रहा है.

आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने शुक्रवार को कहा था कि डॉलर के मुकाबले रुपये का 65-66 का स्तर ठीक है. इसमें किसी भी हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है.

रुपये की कीमत में तेजी को थामने के लिए वित्त वर्ष 2018 में केंद्रीय बैंक ने 32.7 अरब डॉलर की खरीद की थी. वित्त वर्ष 2017 में यह आंकड़ा 12.4 अरब डॉलर रहा था.

फॉरेक्स डीलर्स कहते हैं कि अब रुपये की कीमत में गिरावट को देखकर डॉलर के असर को कम करने के लिए शायद केंद्रीय बैंक अमेरिकी मुद्रा के भंडार का इस्तेमाल कर रहा है.

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