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International Trade Fair : मुख्य सचिव ने ट्रेड फेयर में यूपी पवेलियन का किया शुभारंभ

International Trade Fair : नोएडा-ग्रेनो प्राधिकरण के स्टॉल का मुख्य सचिव ने लिया जायजा

Chief Secretary inspected the stall of Noida-Greno Authority

Chief Secretary inspected the stall of Noida-Greno Authority

International Trade Fair नोएडा/ग्रेटर नोएडा। दिल्ली के प्रगति मैदान में सोमवार से शुरू हुए विश्व व्यापार मेले में नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने भी उत्तर प्रदेश पवेलियन में अपना स्टॉल लगाया है। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम तथा प्रोत्साहन विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद, डायरेक्टर ऑफ इंडस्ट्रीज (यूपी) मयूर माहेश्वरी, नोएडा- ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी व यीडा के सीईओ लघु स्थिति डॉ. अरुणवीर सिंह की मौजूदगी में यूपी पवेलियन का शुभारंभ किया। इसके बाद उन्होंने नोएडा- ग्रेटर नोएडा के स्टॉल का जायजा लिया। नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने दोनों स्टॉल पर प्रदर्शित परियोजनाओं के बारे में मुख्य सचिव को जानकारी दी।

International Trade Fair :

दो हफ्ते तक चलने वाले इस ट्रेड फेयर में लगे स्टाल में प्राधिकरण ने नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा की सभी बड़ी परियोजनाएं प्रदर्शित की गई हैं। नोएडा प्राधिकरण द्वारा अपने स्टॉल में स्वच्छता के लिए किए गए प्रयासों को भी प्रदर्शित किया है। इसके अतिरिक्त नोएडा प्राधिकरण ने अपने स्टॉल में औद्योगिक प्रगति, निवेश व आवंटन की ताजा स्थिति को दिखाया है। इसी तरह ग्रेटर नोएडा के स्टॉल पर गंगाजल, वन मैप ग्रेटर नोएडा, मोबाइल एंड इलेक्ट्रॉनिक हब, डाटा सेंटर, स्मार्ट एलईडी लाइट, आईआईटीजीएनएल की इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप, लघु स्थिति मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब आदि परियोजनाओं के बारे में जानकारी प्रदर्शित की गई है।

नोएडा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की तरफ से निवेशकों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण डेस्क बनाये गये हैं। मुख्य सचिव ने अपने निरीक्षण के दौरान इसे चला कर भी देखा। इसमें दोनों प्राधिकरणों के अंतर्गत उपलब्ध लैंड बैंक का भी ब्योरा दिया गया है। निवेशक रजिस्ट्रेशन डेस्क के जरिए अपना ब्योरा दे सकते हैं, जिससे कि आगामी योजनाओं में दोनों प्राधिकरण इन निवेशकों से संपर्क कर जानकारी उपलब्ध करा सकेंगे। दोनों प्राधिकरण की तरफ से स्टॉल में स्क्रीन भी लगाई गई है, जिसके जरिए दोनों प्राधिकरणों की अब तक की उपलब्धियों, इंफ्रास्ट्रक्चर व भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी दी जा रही है।

मुख्य सचिव ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा प्राधिकरणों और निवेशकों से आगामी 10 से 12 फरवरी के बीच प्रस्तावित इन्वेस्टर समिट में निवेशकों से बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया है। वहीं, दोनों प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने मुख्य सचिव को बताया कि ग्रेटर नोएडा वर्तमान में औद्योगिक निवेश का केंद्र तो है ही, अब डाटा सेंटर का भी हब बनकर उभर रहा है। देश-विदेश की तमाम बड़ी कंपनियां नोएडा ग्रेटर नोएडा में निवेश लघु स्थिति करने को इच्छुक हैं। उनके लिए लैंड बैंक तैयार किया जा रहा है। मुख्य सचिव ने दोनों प्राधिकरण से उपलब्ध लैंड बैंक को ऑनलाइन पर काम पर प्रदर्शित करने के भी निर्देश दिए। ग्रेटर नोएडा के स्टॉल पर ‘आई लव ग्रेटर नोएडा’ का सेल्फी प्वाइंट भी बनाया गया है, जहां आगंतुक अपनी सेल्फी भी ले सकते हैं।

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पटना 16 नवंबर (वार्ता)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) ने अधिकारियों से आज कहा कि लोगाें की आमदानी बढ़ाने और प्रदेश के विकास के लिए काम करें। श्री कुमार ने बुधवार को यहां उनकी अध्यक्षता में चतुर्थ कृषि रोडमैप की तैयारी को लेकर हुई समीक्षा लघु स्थिति बैठक में अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि कृषि रोड मैप से 12 विभाग संबद्ध है। कृषि रोड मैप के निर्धारित लक्ष्य के मुताबिक कार्यों का सही विषलेषण एवं आंकलन करें। तीनों कृषि रोड मैप (agriculture road map) की कई उपलब्धियां हैं लेकिन इसके अलावा कहीं कुछ और कमी है, उसे दूर करें और चौथे कृषि रोड मैप के लिये बेहतर कार्ययोजना एवं लक्ष्य निर्धारित करें। उन्होंने कहा कि लोगों की आमदनी बढ़े, राज्य का विकास हो, इसके लिये सभी ठीक से काम करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के हित के लिये वह वर्ष 2008 से ही कृषि रोड मैप के माध्यम से लगातार काम कर रहे हैं ताकि कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों का तेजी से विकास हो सके। राज्य की 75 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। हर खेत तक सिंचाई पहुंचाने के लक्ष्य पर काम किया जा रहा है। हर घर तक बिजली पहुंच गयी है और किसानों को भी बिजली उपलब्ध करायी जा रही है। राज्य बाढ़ और सुखाड़ दोनों आपदा से प्रभावित रहता है। बाढ़ एवं सुखाड़ से बचाव के लिये कई दीर्घकालिक कदम उठाये गये हैं। बाढ़ और सुखाड़ की स्थिति में प्रभावितों को सरकार हरसंभव मदद उपलब्ध कराती है। उनका मानना है कि राज्य के खजाने पर पहला अधिकार आपदा पीड़ितों का है। देश में जितना क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित है, उसका 73 प्रतिशत बिहार में है।
श्री कुमार ने कहा कि समेकित चौर विकास कार्यक्रम को बढ़ावा दें और तेजी से काम करें, इससे चौर क्षेत्र के किसानों को फायदा होगा। पशु संसाधनों के विकास के तहत गाय को बढ़ावा दें। गाय का दूध काफी उपयोगी एवं फायदेमंद है। उन्होंने कहा कि राज्य में उसना चावल खाने वालों की संख्या अधिक है। उसना चावल मिलों की संख्या बढ़ायें ताकि उसना चावल अधिक से अधिक उपलब्ध हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि विवाद के कारण अपराध की कई घटनायें होती हैं। गड़बड़ करनेवालों पर कार्रवाई होती है। भूमि का आपसी विवाद खत्म होना जरूरी है। सर्वे और सेटलमेंट का काम तेजी से पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि बिहार से झारखंड के अलग होने के बाद राज्य का हरित आवरण नौ प्रतिशत था। हरित आवरण बढ़ाने के लिये बड़ी संख्या में पौधारोपण कराया गया। राज्य का हरित आवरण 17 प्रतिशत तक पहुंचाने के लिये तेजी से काम करें।
श्री कुमार को कृषि विभाग के सचिव एन. सरवन कुमार (Secretary N. Sarvan Kumar) ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अब तक के तीनों कृषि रोड मैप की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चतुर्थ कृषि रोड मैप के सूत्रण के लिये विशेषज्ञ समिति का गठन कर प्राथमिकतायें तय की गयी है ताकि कृषि के क्षेत्र में और अधिक उपलब्धि हासिल किया जा सके। उन्होंने पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की उपलब्धियों की भी जानकारी दी।
मुख्यमंत्री को सहकारिता विभाग की सचिव बंदना प्रेयसी, उद्योग विभाग के प्रधान सचिव संदीप पौंड्रिक, लघु जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव रवि मनु भाई परमार, जल संसाधन विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल, ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव संजीव हंस, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव विनय कुमार, ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव ब्रजेश कुमार मेहरोत्रा, गन्ना उद्योग विभाग के सचिव नर्मदेश्वर लाल तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रधान सचिव अरविंद लघु स्थिति कुमार चौधरी ने अपने-अपने विभाग की उपलब्धियों एवं चतुर्थ कृषि रोड मैप के लिये प्राथमिकताओं के संबंध में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी।
बैठक में उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव, वित्त, वाणिज्य कर एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, ऊर्जा तथा योजना एवं विकास मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री तथा गन्ना उद्योग मंत्री आलोक कुमार मेहता, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री मो. अफाक आलम, सहकारिता मंत्री सुरेन्द्र प्रसाद यादव, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेशी सिंह, कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत, उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ, लघु जल संसाधन मंत्री जयंत राज, मुख्यमंत्री के परामर्शी अंजनी कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त परामर्शी मनीष कुमार वर्मा, मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, विकास आयुक्त विवेक कुमार सिंह, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव सह मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डाॅ. एस. सिद्धार्थ सहित 12 संबद्ध विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति, बिहार कृषि विष्वविद्यालय सबौर के कुलपति, डाॅ0 राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा, समस्तीपुर के कुलपति सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

Chiranjeevi Yojana: 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा कराती है राजस्थान सरकार, जानें कैसे मिलता है चिरंजीवी योजना का लाभ

Rajasthan Mukhyamantri Chiranjeevi Swasthya Bima Yojana: मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत राजस्थान सरकार राजस्थान 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा देती है। जानें कैसे इस योजना का लाभ उठाया जा सकता है।

Updated Nov 14, 2022 | 01:31 PM IST

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Chiranjeevi Yojana 10

Rajasthan Mukhyamantri Chiranjeevi Swasthya Bima Yojana: राजस्‍थान के मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत ने बीते वर्ष मई में प्रदेश की जनता के लिए मुख्‍यमंत्री चिंरजीवी स्‍वास्‍थ्‍य बीमा योजना की घोषणा की थी जिसके तरह प्रदेशवासियों को 10 लाख रुपये का निशुल्‍क स्वास्थ्य बीमा (Heath insurance) दिया जाता है। इस योजना के लिए परिवार के आकार और आय की सीमा नहीं है। इस योजना का लाभ कोई भी उठा सकता है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, सामाजिक आर्थिक जनगणना के पात्र परिवार, लघु एवं सीमांत कृषक व संविदा कर्मी का बीमा प्रीमियम राज्य सरकार द्वारा वाहन किया जाएगा और अन्य परिवारों को ₹850 प्रति वर्ष प्रीमियम का भुगतान करना होगा।

चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना आवेदन (Mukhyamantri Chiranjeevi Swasthya Bima Yojana online application)

Chiranjeevi Swasthya Bima Yojana के अंतर्गत स्वयं ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है तथा ई मित्र के माध्यम से भी आवेदन किया जा सकता है। मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के लिए आवेदन हेतु आवेदक के पास निम्नलिखित दस्तावेज होने आवश्यक है :-जन-आधार/भामाशाह कार्ड की प्रति और आधार कार्ड की प्रति।

PMJAY

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प्रतिवर्ष सामान्‍य बीमारी 50 हजार और गंभीर बीमारी 4.50 लाख रुपये का निशुल्‍क उपचार। भर्ती के पांच दिन पूर्व और डिस्‍चार्ज के 15 दिन बाद तक का व्‍यय इसमें शामिल रहेगा। बीमारियों के 1576 प्रकार के पैकेज और प्रोसीजर उपलब्‍ध। पूर्व में संचालित महात्मा गांधी आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना के पात्र परिवारों को रजिस्ट्रेशन करवाने की आवश्यकता नहीं है।

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इस योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और सामाजिक आर्थिक जनगणना 2011 के लाभार्थियों को पंजीकरण करवाने की आवश्यकता नहीं है।आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से लघु व सीमांत कृषक, संविदा कर्मी एवं अन्य लाभार्थी खुद रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं या फिर ई मित्र पर रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।

अब घर बैठे कर सकेंगे ऑनलाइन स्टेटमेंट चेक, डाक विभाग ने शुरू की ई-पासबुक सेवा

अब घर बैठे कर सकेंगे ऑनलाइन स्टेटमेंट चेक, डाक विभाग ने शुरू की ई-पासबुक सेवा

बैंकिंग की तमाम सुविधाओं को देकर डाकघर भी अपने खाताधारकों को अपडेट करने में जुट गया है. खाताधारकों की सुविधा के लिए डाकघर की ओर से नेट बैंकिंग की शुरुआत की गई है. इसके माध्यम से खाताधारक घर बैठे नि:शुल्क ई-पासबुक की लघु स्थिति सेवा का लाभ उठा सकते हैैं. खाते में बैलेंस व मिनी स्टेटमेंट प्राप्त कर सकते हैं. आगरा परिक्षेत्र में अभी इन सुविधाओं के लिए ग्राहकों को डाकघर लघु स्थिति का चक्कर लगाना पड़ता था.

आगरा(ब्यूरो)। आगरा परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल ऑफिस के असिस्टेंट डायरेक्टर धर्मेश गगनेजा ने बताया कि इस योजना के तहत डाकघर की विभिन्न लघु बचत योजनाओं जैसे बचत बैंक, आवर्ती जमा (आरडी), सावधि जमा (टीडी), सुकन्या समृद्धि खाता (एसएसए), मासिक आय योजना (एमआईएस), लोक भविष्य निधि खाता (पीपीएफ), एनएससी और केवीपी के खाताधारक डाकघर की ओर से जारी की गई वेबसाइट पर अपने खातों के बैलेंस की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। एसबी, सुकन्या व पीपीएफ खातों के मिनी स्टेटमेंट भी ऑनलाइन नि:शुल्क वेबसाइट के माध्यम से प्राप्त किया जा सकेगा। मिनी स्टेटमेंट में अंतिम दस लेन-देन की पूरी जानकारी होगी। उन्होंने बताया कि इस सेवा का लाभ लेने के लिए खाते में मोबाइल नंबर लिंक होना अनिवार्य है।

ऐसे चेक कर सकते हैं ई-पासबुक पोस्टमास्टर जनरल ऑफिस के असिस्टेंट डायरेक्टर धर्मेश गगनेजा ने बताया कि ई-पासबुक की सुविधा के लिए डाक विभाग की वेबसाइट www.indiapost.gov.in या इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की वेबसाइट www.ippbonline.com पर दिए गए ई-पासबुक लिंक पर क्लिक करना होगा। वहीं यूआरएल https://posbseva.ippbonline.com/indiapost/signin का प्रयोग कर सीधे ई-पासबुक की वेबसाइट तक पहुंचा जा सकता है। लिंक खुलने के बाद खाताधारक को दिए गए कॉलम में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर डालना होगा। कैप्चा दर्ज करके लॉगिन करते ही मोबाइल पर ओटीपी आएगा। इसे लघु स्थिति दर्ज करने के बाद बचत योजना का चयन कर खाता संख्या दर्ज करनी होगी। इसके बाद दोबारा मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी डालना होगा। इसके बाद बैलेंस पूछताछ व मिनी स्टेटमेंट के विकल्प का चयन करते ही विवरण उपलब्ध हो जाएगा। मिनी स्टेटमेंट को पीडीएफ फॉर्मेट में डाउनलोड करने की सुविधा भी दी गई है।

ऐसे चेक करें डिटेल्स
-ई-पासबुक की वेबसाइट पर जाएं।
-लिंक खुलने के बाद खाताधारक को दिए गए कॉलम में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर डालें।
-कैप्चा दर्ज करें।
-लॉगिन करते ही मोबाइल पर ओटीपी आएगा।
-ओटीपी दर्ज करने के बाद बचत योजना का चयन कर खाता संख्या दर्ज करें।
-इसके बाद दोबारा मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी डालें।
-इसके बाद बैलेंस पूछताछ व मिनी स्टेटमेंट के विकल्प का चयन करते ही विवरण उपलब्ध हो जाएगा।
-मिनी स्टेटमेंट को पीडीएफ फॉर्मेट में डाउनलोड करें।

डाकघर के खाताधारकों के लिए अब घर बैठे ऑनलाइन स्टेटमेंट चेक करने की सुविधा शुरू हो गई है। ई-पासबुक के जरिए कहीं से भी बैलेंस चेक किया जा सकता है।
- धर्मेश गगनेजा, असिस्टेंट डायरेक्टर, पोस्टमास्टर जनरल ऑफिस

कोटा उत्तर वार्ड 4: इन्दिरा मार्केट,लाल बुर्ज चौराहे के वासी समस्याओं से त्रस्त

कोटा। वार्ड नम्बर 4 इन्दिरा मार्केट, लाल बुर्ज चौराहा के रहवासी मूलभूत समस्याओं से परेशान हैं। टॉयलेट को लेकर स्थिति बदतर हैं, सफाई,नालें-नालियों में गंदगी व मुख्य सड़क पर खुले डीपी के विद्युत तारों से हादसे को लेकर आमजन डरे हुए और परेशान हैं। वार्डवासियों ने बताया कि मोहल्ले में सफाई कर्मी नियमित न आकर कभी -कभार आते हैं जिससे गली मोहल्लों में कचरा बिखरा पड़ा लघु स्थिति हैं। कचरा गाड़ी भी दो-चार दिन में एक बार आती हैं,जिससे घरों के लोग कचरा निकालकर प्लास्टिक थैलियों में भरकर बाहर डाल देते हैं। अब कचरा गाड़ी तो नियमित आती नहीं व कचरा उड़-उड़कर गलियों में फैल जाता हैं ।

वर्षो से मुख्य सङक पर वाहनों को खङा करने के लिए पार्किंग की अच्छी व्यवस्था थी पर कुछ लोगों ने पार्किग स्थल पर अतिक्रमण कर कब्जा कर लिया हैं। जिससे वाहनों की पार्किग को लेकल बङी समस्या खङी हो गई हैं। यदि मोहल्लें की गलियों या मार्केट की गलियों में भी वाहन खङा करें तो पहले से ही अतिक्रमण को लेकर गलियां संकरी पड़ी हैं।

इसकों लेकर वार्डवासियों नें कई दफा पार्षद को अवगत भी कराया पर स्थिति ज्यों की त्यों बनी हैं। अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई हैं। मोहल्लें की नाले-नालियों के हालात इस कदर बदतर हैं कि सफाई के अभाव में कचरा व कीचड़ जमकर अटा पड़ा हैं। जिससे दुकानों तक इसकी दुर्गन्ध सहित मच्छरों की भरमार बढने से बिना पंखे दुकानों-घरों में रूकना मुश्किल सा हो गया हैं। सङक के दोनों ओर पेयजल निकासी को लेकर बने नालों के यही हालात हैं। नालों पर लोहे के सरियों से जालीनुमा ढक्कन बनाकर लगे हैं। बस इनसे देखने पर ही पता चल पाता हैं कि नाले साफ हैं या मलबें से अटे पड़े हैं।

इन्द्रा लघु स्थिति मार्केट से सङक के उस पार विद्युत विभाग ने घोर लापरवाही दिखाई देती है। विद्युत डीपी को नीचे जमीन पर बिल्कुल घनी आबादी क्षैत्र में रख दी हैं व इससे निकले गए तार भी नंगे पड़े होने से कभी हादसा हो जाए तो इसमें कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी।वार्ड में अतिक्रमण व वाहनों की पार्किग को लेकर बङी समस्या हैं।व सार्वजनिक टॉईलेट की हालत खराब हैं।जर्जर के साथ गंदगी व खाली शराब के पव्वें,अद्धे व खाली शिशीयां पङी रहती हैं।जिससे लघु शंका के लिए दूर-दराज जाना पड़ रहा हैं।

इन्द्रा मार्केट से सङक के उस पार विद्युत विभाग ने घोर लापरवाही दिखाई देती है। विद्युत डीपी को नीचे जमीन पर बिल्कुल घनी आबादी क्षैत्र में रख दी हैं व इससे निकले गए तार भी नंगे पड़े होने से कभी हादसा हो जाए तो इसमें कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी।वार्ड में अतिक्रमण व वाहनों की पार्किग को लेकर बङी समस्या हैं।व सार्वजनिक टॉईलेट की हालत खराब हैं।जर्जर के साथ गंदगी व खाली शराब के पव्वें,अद्धे व खाली शिशीयां पङी रहती हैं।जिससे लघु शंका के लिए दूर-दराज जाना पड़ रहा हैं।

इस वार्ड का क्षेत्रफल तीन-चार पार्षदों के अधीन आता हैं। मेरे वार्ड में टायलेट को लेकर समस्या जरूर हैं। 4-5रोज से वार्ड की तरफ मेरा जाना नहीं हआ हैं,जाकर देखता हूं व यदि समस्या हैं तो शीध्र समाधान करवाया जाएगा।

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