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विदेशी मुद्रा

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'विदेशी मुद्रा बाजार'

Dollar Vs Rupee : अंतर-बैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपया 81.18 के भाव पर मजबूती के साथ खुला और थोड़ी ही देर में यह 81.14 के स्तर तक भी पहुंच गया.

कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर (Dollar) सूचकांक में मजबूती से अमेरिकी मुद्रा (American ) के मुकाबले रुपया गुरुवार को 55 पैसे गिरकर 82.17 प्रति डॉलर के सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया.

अंतर-बैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 81.65 प्रति डॉलर के भाव पर खुला और जल्द ही 81.78 के स्तर पर गिर गया. इस तरह पिछले कारोबारी दिवस की तुलना में रुपये में 38 पैसे की विदेशी मुद्रा गिरावट दर्ज की गई.

घरेलू शेयर बाजार (Share Market) में गिरावट और विदेशी बाजारों में डॉलर (Dollar) के मजबूत होने के कारण अंतरबैंक विदेशीमुद्रा विनिमय बाजार में सोमवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपये की विनिमय दर 26 पैसे की गिरावट के साथ 80 रुपये प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुई.

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपया 79.81 पर खुला और फिर गिरकर 79.82 पर आ गया. इस तरह रुपया ने पिछले बंद भाव के मुकाबले 8 पैसे की गिरावट दर्ज की. शुरुआती सौदों में रुपये ने 79.79 के स्तर को छुआ था.

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले 79.70 पर खुला और फिर बढ़त के साथ 79.65 के स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव के मुकाबले 16 पैसे की तेजी दर्शाता है. रुपया सोमवार को डॉलर के मुकाबले तीन पैसे गिरकर 79.81 पर बंद हुआ था.

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपया 79.53 पर खुला और शुरुआती सौदों में यह 79.47 तक गया जो पिछले बंद भाव के मुकाबले पांच पैसे की बढ़त दर्शाता है.

दुनिया की प्रमुख मुद्राओं की तुलना में डॉलर (Dollar) के कमजोर पड़ने के साथ ही घरेलू स्तर पर शेयर बाजार में जारी तेजी से विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ने के बल पर आज अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया 36 पैसे की छलांग लगाकर 79.17 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया.

घरेलू शेयर बाजारों में सकारात्मक रुख और विदेशी कोषों की आवक के बीच रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 12 पैसे बढ़कर 79.57 (अंतिम) पर बंद हुआ.अंतर बैंक विदेशी मुद्रा विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले 79.66 पर खुला. दिन के कारोबार में रुपये ने 79.47 का ऊपरी और 79.66 का निचला स्तर देखा.

स्थानीय शेयर बाजार (Stock Exchange) में मजबूती के रुख के समर्थन से मंगलवार को अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार (Interbank Forex Market) में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 47 पैसे के उछाल के साथ 79.44 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ.

विदेशी मुद्रा

Rates above are EOD average spot rate of previous day. In case of US Dollar to other currencies, values are quoted on basis of USD as base currency whereas in Indian Rupee to other currencies, values are quoted on basis of INR as quote currency.

आंकड़ों का स्रोत:: Mecklai Financial Services - 5 Minute delayed currency spot data, EOD currency forward and futures data, reports, deposit rates. Oanda – Currency Spot EOD data for Forex convertor, continent based currency data and historical performance. All times stamps are reflecting IST (Indian Standard Time). By using this site, you agree to the Terms of Service and Privacy Policy.

Forex Reserves: दिवाली से पहले विदेशी मुद्रा भंडार ने लगाया गोता, जानिए कितना है गोल्ड रिजर्व

देश का विदेशी मुद्रा भंडार पिछले कई हफ्तों से लगातार कम हो रही है.

आरबीआई की ओर से शुक्रवार को जारी साप्ताहिक आंकड़ों के मुताबिक, देश का विदेशी मुद्रा भंडार 14 अक्टूबर, 2022 को खत्म हुए सप्ताह में 4.50 करोड़ डॉलर घटकर 528.37 अरब डॉलर पर आ गया.

  • पीटीआई
  • Last Updated : October 21, 2022, 20:42 IST

हाइलाइट्स

विदेशी मुद्रा भंडार 4.50 अरब डॉलर घटकर 528.37 अरब डॉलर पर.
गोल्ड रिजर्व का मूल्य 1.502 अरब डॉलर घटकर 37.453 अरब डॉलर पर.
FCA 2.828 अरब डॉलर घटकर 468.668 अरब डॉलर रह गई.

मुंबई. दिवाली से पहले देश के विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves/Forex Reserves) में फिर गिरावट आई है. 14 अक्टूबर, 2022 को खत्म हुए सप्ताह में यह 4.50 अरब डॉलर घटकर 528.37 अरब डॉलर पर विदेशी मुद्रा आ गया. भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई (RBI) की ओर से शुक्रवार को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है.

इसके पिछले हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार 20.4 करोड़ डॉलर बढ़कर 532.868 अरब डॉलर पर पहुंच गया था. विदेशी मुद्रा भंडार में इस साल अगस्त के बाद से पहली बार किसी सप्ताह में बढ़ोतरी हुई थी. एक साल पहले अक्टूबर, 2021 में देश का विदेश विदेशी मुद्रा मुद्रा भंडार 645 अरब डॉलर के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया था.

देश का विदेशी मुद्रा भंडार पिछले कई हफ्तों से लगातार कम हो रही है. दरअसल तेजी से बदलते वैश्विक परिदृश्य में डॉलर के मुकाबले तेजी से गिरते रुपये को संभालने के लिए विदेशी मुद्रा आरबीआई ने इस विदेशी मुद्रा भंडार के एक हिस्से का इस्तेमाल किया है.

2.828 अरब डॉलर घटी एफसीए
आरबीआई की ओर से शुक्रवार को जारी साप्ताहिक आंकड़ों के मुताबिक, 14 अक्टूबर को खत्म हुए सप्ताह में फॉरेन करेंसी एसेट यानी एफसीए (FCA) 2.828 अरब डॉलर घटकर 468.668 अरब डॉलर रह गईं. एफसीए असल में समग्र भंडार का एक प्रमुख हिस्सा होता है. डॉलर में बताई जाने वाली एफसीए में विदेशी मुद्रा भंडार में रखी यूरो, पाउंड और येन जैसी दूसरी विदेशी मुद्राओं के मूल्य में वृद्धि या कमी का प्रभाव भी शामिल होता है.

गोल्ड रिजर्व भी घटा
गोल्ड रिजर्व के मूल्य में 7 अक्टूबर को खत्म हुए सप्ताह के विदेशी मुद्रा दौरान 1.35 अरब डॉलर की वृद्धि हुई थी जबकि 14 अक्टूबर को खत्म हुए सप्ताह में यह 1.502 अरब डॉलर की गिरावट के साथ 37.453 अरब डॉलर रह गया. आरबीआई ने कहा कि स्पेशल ड्राइंग राइट (SDR) 14.9 करोड़ डॉलर घटकर 17.433 अरब डॉलर रह गया है. वहीं, रिपोर्टिंग वीक में आईएमएफ के पास देश की रिजर्व पोजीशन 2.3 करोड़ डॉलर घटकर 4.813 अरब डॉलर रह गई.

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Forex Reserves: भारत का विदेशी मुद्रा भंडार दो वर्षों के न्यूनतम स्तर पर, स्वर्ण भंडार भी घटा, एसडीआर बढ़ा

Forex Reserves: 14 अक्तूबर को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार 528.367 बिलियन डॉलर था। आरबीआई के ताजा आंकड़ों के अनुसार विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (Foreign Currency Assets) में 3.59 बिलियन डॉलर की गिरावट दर्ज की गई और यह घटकर 465.075 बिलियन अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया।

फॉरेक्स

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बीते 21 विदेशी मुद्रा अक्तूबर को घटकर दो वर्षों के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है 524.520 बिलियन डॉलर हो गया है। उससे एक हफ्ते पहले की तुलना में विदेशी मुद्रा भंडार में 3.85 बिलियन डॉलर की कमी दर्ज की गई। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार इससे पहले 14 अक्तूबर को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार 528.367 बिलियन डॉलर था। बता दें कि दो वर्ष पहले भारत का विदेशी मुद्रा भंडार करीब 577.00 बिलियन डॉलर था।

आरबीआई के ताजा आंकड़ों के अनुसार विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (Foreign Currency Assets) में 3.59 बिलियन डॉलर की गिरावट दर्ज की गई और यह घटकर 465.075 बिलियन अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया।

देश का स्वर्ण भंडार (गाेल्ड रिजर्व) इस दौरान 247 मिलियन डॉलर की गिरावट के साथ 37.206 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया। हालांकि, आरबीआई के आंकड़ों से पता चलता है कि समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में भारत के विशेष आहरण अधिकार (Special Drawing Rights, एसडीआर) का मूल्य 70 लाख डॉलर बढ़कर 17.440 अरब डॉलर हो गया।

बता दें कि बीते कुछ महीनों में विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट दिख रही है क्योंकि आरबीआई के बाजार में बढ़ते अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरावट को थामने के लिए संभवतः हस्तक्षेप करता है। वहीं दूसरी ओर, आयातित वस्तुओं की बढ़ती लागत ने भी व्यापार निपटान के विदेशी मुद्रा लिए विदेशी मुद्रा भंडार की उच्च आवश्यकता को जरूरी बना दिया है, इससे इसमें कमी आ रही है।

प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी विदेशी मुद्रा डॉलर के मजबूत होने से भारतीय रुपया पिछले कुछ हफ्तों में कमजोर होकर नए सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया है। पिछले हफ्ते रुपया इतिहास में पहली बार डॉलर के मुकाबले 83 रुपये के स्तर को पार कर गया था। इस साल अब तक रुपये में करीब 10-12 फीसदी तक की गिरावट आई है।

आमतौर पर रुपये में भारी गिरावट को रोकने के लिए आरबीआई डॉलर की बिक्री सहित तरलता प्रबंधन के माध्यम से बाजार में हस्तक्षेप करता है। फरवरी के अंत में रूस के यूक्रेन पर हमला करने के बाद से भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में लगभग 100 बिलियन अमरीकी डालर की गिरावट आ गई थी। ऐसा वैश्विक स्तर पर ऊर्जा और विदेशी मुद्रा अन्य वस्तुओं का आयात महंगा होने के कारण हुआ था। पिछले 12 महीनों के दौरान संचयी आधार पर विदेशी मुद्रा भंडार में लगभग 115 बिलियन अमेरीकी डालर की गिरावट आ चुकी है।

विस्तार

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बीते 21 अक्तूबर को घटकर दो वर्षों के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है 524.520 बिलियन डॉलर हो गया है। उससे एक हफ्ते पहले की तुलना में विदेशी मुद्रा भंडार विदेशी मुद्रा में 3.85 बिलियन डॉलर की कमी दर्ज की गई। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार इससे पहले 14 अक्तूबर को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार 528.367 बिलियन डॉलर था। बता दें कि दो वर्ष पहले भारत का विदेशी मुद्रा भंडार करीब 577.00 बिलियन डॉलर था।

आरबीआई के ताजा आंकड़ों के अनुसार विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (Foreign Currency Assets) में 3.59 बिलियन डॉलर की गिरावट दर्ज की गई और यह घटकर 465.075 बिलियन अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया।

देश का स्वर्ण भंडार (गाेल्ड रिजर्व) इस दौरान 247 मिलियन डॉलर की गिरावट के साथ 37.206 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया। हालांकि, आरबीआई के आंकड़ों से पता चलता है कि समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में भारत के विशेष आहरण अधिकार (Special Drawing Rights, एसडीआर) का मूल्य 70 लाख डॉलर बढ़कर 17.440 अरब डॉलर हो गया।

बता दें कि बीते कुछ महीनों में विदेशी मुद्रा भंडार में विदेशी मुद्रा गिरावट दिख रही है क्योंकि आरबीआई के बाजार में बढ़ते अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरावट को थामने के लिए संभवतः हस्तक्षेप करता है। वहीं दूसरी ओर, आयातित वस्तुओं की बढ़ती लागत ने भी व्यापार निपटान के लिए विदेशी मुद्रा भंडार की उच्च आवश्यकता को जरूरी बना दिया है, इससे इसमें कमी आ रही है।

प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से भारतीय रुपया पिछले कुछ हफ्तों में कमजोर होकर नए सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया है। पिछले हफ्ते रुपया इतिहास में पहली बार डॉलर के मुकाबले 83 रुपये के स्तर को पार कर गया था। इस साल अब तक रुपये में करीब 10-12 फीसदी तक की गिरावट आई है।

आमतौर पर रुपये में भारी गिरावट को रोकने के लिए आरबीआई डॉलर की बिक्री सहित तरलता प्रबंधन के माध्यम से बाजार में हस्तक्षेप करता है। फरवरी के अंत में रूस के यूक्रेन पर हमला करने के बाद से भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में लगभग 100 बिलियन अमरीकी डालर की गिरावट आ गई थी। ऐसा वैश्विक स्तर पर ऊर्जा और अन्य वस्तुओं का आयात महंगा होने के कारण हुआ था। पिछले 12 महीनों के दौरान संचयी आधार पर विदेशी मुद्रा भंडार में लगभग 115 बिलियन अमेरीकी डालर की गिरावट आ चुकी है।

रुपया रसातल में, अब विदेशी मुद्रा भंडार ने बढ़ाई टेंशन, 4.50 करोड़ डॉलर की बड़ी गिरावट

अमेरिकी मुद्रा की तुलना में रुपया शुक्रवार को चार पैसे की तेजी के साथ 82.75 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ। रुपये में शुरू में गिरावट आई थी लेकिन घरेलू शेयर बाजार में तेजी के साथ यह बढ़त में बंद हुआ।

रुपया रसातल में, अब विदेशी मुद्रा भंडार ने बढ़ाई टेंशन, 4.50 करोड़ डॉलर की बड़ी गिरावट

भारतीय करेंसी रुपया में हर दिन नई गिरावट आ रही है। इस गिरावट के बीच अब देश का विदेशी मुद्रा भंडार 14 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में 4.50 करोड़ डॉलर घटकर 528.37 अरब डॉलर पर आ गया। इससे पहले, सात अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 20.4 करोड़ डॉलर बढ़कर 532.868 अरब डॉलर पर पहुंच गया था।

इसमें इस साल अगस्त के बाद से पहली बार किसी साप्ताह में वृद्धि हुई थी। बता दें कि एक साल पहले अक्टूबर 2021 में देश का विदेश मुद्रा भंडार 645 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था।

लगातार आ रही गिरावट: देश का विदेशी मुद्रा भंडार पिछले कई हफ्तों से लगातार कम हो रही है। दरअसल, तेजी से बदलते वैश्विक परिदृश्य में डॉलर के मुकाबले तेजी से गिरते रुपये को संभालने के लिए आरबीआई ने इस विदेशी मुद्रा भंडार के एक हिस्से का इस्तेमाल किया है।

आंकड़ों के अनुसार, 14 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा आस्तियां (एफसीए) 2.828 अरब डॉलर घटकर 468.668 अरब डॉलर रह गयीं। एफसीए असल में समग्र भंडार का एक प्रमुख हिस्सा होता है। डॉलर के संदर्भ में एफसीए में विदेशी मुद्रा भंडार में रखे गए यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं में मूल्य वृद्धि या मूल्यह्रास का प्रभाव शामिल होता है।

स्वर्ण भंडार के मूल्य में सात अक्टूबर को समाप्त सप्ताह के दौरान 1.35 अरब डॉलर की वृद्धि हुई थी। जबकि 14 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में यह 1.502 अरब डॉलर की गिरावट के साथ 37.453 अरब डॉलर रह गया।

रुपया का हाल: बता दें कि अमेरिकी मुद्रा की तुलना में रुपया शुक्रवार को चार पैसे की तेजी के साथ 82.75 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ। रुपये में शुरू में गिरावट आई थी लेकिन घरेलू शेयर बाजार में तेजी के साथ यह बढ़त में बंद हुआ।

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